Happy Dussehra Quotations Essay in Hindi and Marathi

By | October 6, 2016

Dussehra is celebrated for ten days. Preparations for the festival start many days earlier. A big fair is held, shops and stalls are erected near the place where the goddess is worshipped. The effigies of Ravana, Kumbhakarana and Meghnad are prepared. Ram Lila is enacted during the nights. Different events of the life of Lord Rama is dramatised in the Ram Lila. There is great hustle and bustle during the Ram Lila. Thousands of men, women and children gather in the Ram Lila ground to enjoy the show. Hence make this day more amazing by sharing this new collection of the dussehra wishes and greetings card to your friends.

They will love to have this from you and it will be beneficial for your relationship too. So make this moment memorable for your entire life and start sharing these greetings with each other you know.

Dussehra Quotations

On this auspicious occasion, I wish the color, bliss and beauty Of this festival Be with you throughout the year! Happy Dussera

long live the tradition of Hindu culture, as the generations have passed by, Hindu culture is getting stronger and stronger lets keep it up. Best Wishes for Dussera

Bhagwan Ram Demolished the evil empire and sowed the seed of peace.Best wishes on Dussehra to all of my near and dear once

This Vijaya Dashmi may Godess Durga bless us and teh entire humanity with herchoicest blessings. Wishing you and ur family a happy Dusshera

Vijaya Dashmi is festival of victory on bad elements in our lives HAPPY Vijaya Dashmi

I wish you that the color, bliss and beauty of this festival…..Be with you throughout the year! Happy Dussehra!!

May this Dasara, light up for you. The hopes of Happy times, And dreams for a year full of smiles! Wish you Happy Dasara.

As the candlelight flame Ur life may always be happy, As the mountain high U move without shy, As sunshine creates morning glory fragrance fills years as Flory, All darkness is far away As light is on its way. Wishing U all a very Happy Vijaya Dashami.

Dussehra Essay in Hindi

दशहरा को दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार वर्षा ऋतु के अंत में संपूर्ण भारत वर्ष में मनाया जाता है। नवरात्र में मूर्ति पूजा में पश्चिम बंगाल का कोई सानी नहीं है जबकि गुजरात में खेला जाने वाला डांडिया बेजोड़ है। पूरे दस दिनों तक त्योहार की धूम रहती है।

लोग भक्ति में रमे रहते हैं। मां दुर्गा की विशेष आराधनाएं देखने को मिलती हैं।

दशमी के दिन त्योहार की समाप्ति होती है। इस दिन को विजयादशमी कहते हैं। बुराई पर अच्छाई के प्रतीक रावण का पुतला इस दिन समूचे देश में जलाया जाता है।

इस दिन भगवान राम ने राक्षस रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से छुड़ाया था। और सारा समाज भयमुक्त हुआ था। रावण को मारने से पूर्व राम ने दुर्गा की आराधना की थी। मां दुर्गा ने उनकी पूजा से प्रसन्न होकर उन्हें विजय का वरदान दिया था।

रावण दहन आज भी बहुत धूमधाम से किया जाता है। इसके साथ ही आतिशबाजियां छोड़ी जाती हैं। दुर्गा की मूर्ति की स्थापना कर पूजा करने वाले भक्त मूर्ति-विसर्जन का कार्यक्रम भी गाजे-बाजे के साथ करते हैं।

भक्तगण दशहरे में मां दुर्गा की पूजा करते हैं। कुछ लोग व्रत एवं उपवास करते हैं। पूजा की समाप्ति पर पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर संतुष्ट किया जाता है। कई स्थानों पर मेले लगते हैं। रामलीला का आयोजन भी किया जाता है। दशहरा अथवा विजयादशमी राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है। देश के कोने-कोने में यह विभिन्न रूपों से मनाया जाता है, बल्कि यह उतने ही जोश और उल्लास से दूसरे देशों में भी मनाया जाता जहां प्रवासी भारतीय रहते हैं।

मैसूर का दशहरा : मैसूर का दशहरा देशभर में विख्‍यात है। मैसूर में दशहरे के समय पूरे शहर की गलियों को रोशनी से सज्जित किया जाता है और हाथियों का श्रृंगार कर पूरे शहर में एक भव्य जुलूस निकाला जाता है।

इस समय प्रसिद्ध मैसूर महल को दीपमालिकाओं से दुल्हन की तरह सजाया जाता है। इसके साथ शहर में लोग टार्च लाइट के संग नृत्य और संगीत की शोभा यात्रा का आनंद लेते हैं। द्रविड़ प्रदेशों में रावण-दहन का आयोजन नहीं किया जाता है।

Dussehra Essay in Marathi

दसरा हा आपल्या देशातील एक लोकप्रिय सण आहे. हा सण अश्विन महिन्याच्या दशमी या दिवशी येतो. हा दिवस अत्यंत पवित्र मानला जातो . या सणाला ‘विजयादशमी ‘ असेही म्हणतात .
दसऱ्याच्या दिवशी लोक हिशेबाच्या वह्या पुस्तके यंत्रे अवजारे यांची पूजा करतात. याच काळात शेतात नवीन पिक तयार होते, घरात धनधान्य येते ; म्हणून शेतकरी आनंदाने हा सण साजरा करतात. यादिवशी रावणाचा पुतळा करून जाळतात . त्यामुळे सर्व वाईट गोष्टी जळून जातात. असे लोक मानतात.
दसऱ्याच्या दिवशी लोक एकमेकांच्या घरी जातात . एकमेकांना सोने म्हणून आपट्याची पाने देतात . एकमेकांना आलिंगन देतात आणि शुभेच्छा देतात . अशा तऱ्हेने हा सण सर्वजण आनंदाने साजरा करतात.

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